8 comments

  1. Na( smart India, digital India , startup India, make in India, stand up India ) kewal rajnetao ka waham hai.
    unke dimagi soch kewal hai. 5 saal raj karna hai.

    1. sir अगर आपको या आपकी नजरों के सामने कुछ गलत हो रहा है तो आपको इसके लिए खुद कुछ करना होगा। केवल आरोप लगाने से या बाते करने से कुछ नहीं होने वाला है।
      आप भ्रष्टाचार की बात कर रहे हो तो यह करता कोन है? हम ही है, हम ही यह सब करते है। अगर मांगने वाले है तो देने वाले भी है sir।
      केवल आरोप और बातो से मन का गुस्सा शांत होगा देश नहीं बदलने वाला। अगर आपको देश बदलना है तो आपको अपनी और अपने आस-पास के ऐसे भ्रष्ट लोगो की आदतों को बदलना होगा। ओर हा sir बदलाव 1 दिन-साल मे नहीं आता। एक बच्चा जैसे जैसे बड़ा होता है तब उसमे और उसकी आदतों मे बदलाव आता है, और वह बदलाव भी उसके आस-पास के वातावरण पर निर्भर होता है।
      धन्यवाद

    1. sir ऐसा नहीं होता। अगर आपको कुछ गलत लगा है तो आप उसे आज के इस आधुनिक युग का लाभ उठाकर उसे लोगो के समक्ष लाये। Mobile Phone का इस्तेमाल करे और उसके ध्वारा आप Sociel Media का प्रयोग कर अपनी बात को साबित करे।
      धन्यवाद

    1. sir आपको PPS की जानकारी दी जा रही है।
      SGSY विशेष परियोजनाओं में से एक प्रमुख सबक यह था कि BPL ग्रामीण परिवारों के प्रशिक्षुओं को पोस्ट प्लेसमेंट चरण के पहले कुछ महीनों में समर्थन की आवश्यकता होती है। वेतन पर्ची मिलने पर काम करने वाले युवाओं के बैंक खाते में प्रत्येक माह के अंत में प्रशिक्षु को पूर्ण भुगतान किया जाना है। किसी भी परिस्थिति में, PPS को नकद या तरह से वितरित नहीं किया जाना चाहिए। PPS का पैसा PIA को नियमित किस्त के एक हिस्से के रूप में जारी किया जाएगा।
      जहां PIA तालिका 1 के अनुसार निर्धारित न्यूनतम वेतन के अनुसार एक उम्मीदवार को प्लेसमेंट देने में असमर्थ है, ऐसे प्लेसमेंट को DDU-GKY के तहत प्लेसमेंट के रूप में नहीं गिना जाएगा और ऐसे मामले में PPS के लिए कोई दावा पात्र नहीं होगा।
      एक विशेष मामले के रूप में, हिमायत के तहत 3 महीने की प्रशिक्षण परियोजनाओं में, छह महीने के लिए प्रति माह प्रति उम्मीदवार 2000 रुपये का पोस्ट-प्लेसमेंट समर्थन PIA को अनुमति दी जाएगी।

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