SABLA Scheme In Hindi – सबला योजना

SABLA Scheme

SABLA Scheme In Hindi के इस लेख मे आप SABLA Scheme Details, SABLA Scheme Mission, Procedures for implementation Of SABLA (कार्यान्वयन के लिए प्रक्रियाएं) और SABLA Meaning के बारे मे जानेगे। इसके साथ ही आपको इस लेख मे SABLA Scheme PDF भी दी गई है। इसके साथ ही आपको इस लेख मे Pradhan Mantri Schemes की जानकारी भी उपलब्ध की गई है।

sabla scheme 2018-2019

SABLA Scheme In Hindi

  • महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ध्वारा राजीव गांधी किशोरी सशक्तिकरण योजनाSABLA (RGSEAG: Rajiv Gandhi Scheme for Empowerment of Adolescent Girls) की घोषणा इंदिरा गांधी के जन्म दिन 19 नवंबर 2010 पर की गई।
  • इस योजना को कार्यरूप में परिणित 1 अप्रैल 2011 में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर किया गया था।
  • प्रारंभिक योजना के तौर पर SABLA को 200 जिलों (1 करोड़ से अधिक किशोरियों) में शुरू किया गया।
  • इसके बाद 2017 में इस योजना के तहत 303 जिले ओर शामिल किये गए।
  • अब इस योजना के लाभ से वंचित देश के अन्य क्षेत्र में लागू करने के लिए वर्ष 2018 में इसके विस्तार की योजना बनाई गयी है।
  • इस योजना के संचालन की जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की अध्यक्ष श्रीमती मेनका संजय गाँधी को सौपी गयी है।
  • राजीव गाँधी किशोरी सशक्तिकरण योजना – SABLA के साथ बाल विकास सेवा योजना (ICDS) और किशोरी शक्ति योजना (KSY) को भी जोड़ दिया गया है।

sabla scheme 2018-2019

  • इस योजना के तहत 11 से 18 आयु वर्ष की किशोरियों को निम्नलिखित सुविधाएं प्रदान करके सशक्त बनाना है।
    1) पोषण
    2) आयरन एवं फोलिक एसिड प्रतिपूरक
    3) स्वास्थ्य जांच तथा रेफरल सेवाएं
    4) पोषण और स्वास्थ्य शिक्षा
    5) परिवार कल्याण, किशोरी प्रजनन एवं यौन स्वास्थय, बाल देखरेख पद्धतियाँ एवं गृह प्रबंधन पर परामर्श/मार्गदर्शन।
    6) जीवन कौशल शिक्षा तथा सार्वजनिक सेवाओं तक पहुँच।
    7) व्यावसायिक प्रशिक्षण  16 वर्ष एवं इससे अधिक आयु की लड़कियों के लिए राष्ट्रीय कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत।

पढ़े राष्ट्रीय पोषण मिशन के बारे मे

SABLA Meaning

Rajiv Gandhi Scheme for Empowerment of Adolescent Girls (RGSEAG)

SABLA – राजीव गांधी किशोरी सशक्तिकरण योजना

SABLA Scheme Details

  • राजीव गांधी किशोरी सशक्तिकरण योजनाSABLA का क्रियान्वयन आगंनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से समेकित बाल विकास सेवा योजना (ICDS) के मंच का उपयोग करते हुए किया गया है।
  • इस योजना के तहत
    (i) आत्म-विकास एवं सशक्तिकरण हेतु किशोरियों को सक्षम बनाना।
    (ii) उनके पोषण एवं स्वास्थ्य स्तर में सुधार करना।
    (iii) स्वास्थ्य, सफाई, पोषण, किशोरी प्रजनन एवं योंन स्वास्थ्य (ARSH) और परिवार एवं बाल देख-रेख के विषय में जागरूकता को बढ़ावा देना।
    (iv) उनके घरेलू कौशलों, जीवन कौशलों का उन्नयन करना एवं व्यावसायिक कौशलों हेतु उन्हे राष्ट्रीय कौशल विकास कार्यक्रम के साथ जोड़ना।
    (v) पढ़ाई छोड़ चुकी किशोरियों को औपचारिक/अनौपचारिक शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना।
    (vi) प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, डाक घर, बैंक, पुलिस स्टेशन आदि जैसी मौजूदा सार्वजनिक सेवाओं के बारे में सूचना/मार्गदर्शन प्रदान करना।sabla scheme 2018-2019
  • इस योजना में देश के सभी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के जिलों में सभी ICDS परियोजनाओ के अंतर्गत 11-18 वर्ष की किशोरीओ को शामिल किया गया है।
  • लाभार्थियों पर सही ध्यान केन्द्रित करने के लिए लक्षित समूह को दो श्रेणियों मे बांटा गया है।
  • अर्थात 11-15 वर्ष तथा 15-18 वर्ष की श्रेणियों में बांटा गया है।
  • इसके अनुसार उपायों की आयोजना की गई है।
  • इस योजना को पढ़ाई छोड़ चुकी सभी किशोरियों पर केन्द्रित किया गया है, जो राज्यों /संघ राज्य क्षेत्रों ध्वारा निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार एवं अंतराल पर आंगनवाड़ी केंद्र पर एकत्रित होंगी।
  • स्कूल जा रही लड़कियां महीने में कम से कम दो बार तथा स्कूल की छुट्टियों के दौरान अधिक बार आंगनवाड़ी केंद्र पर मिलेंगी, जहां वे जीवन कौशल शिक्षा, पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा, उनके सामाजिक-कानूनी मुद्दों से संबंधित जागरूकता आदि हासिल करेंगी।
  • इससे स्कूल जा रही किशोरियों एवं पढ़ाई छोड़ चुकी किशोरियों को सामूहिक वार्तालाप करने का अवसर मिलेगा और पढ़ाई छोड़ चुकी लड़कियां स्कूल जाने के लिए प्रेरित होंगी।
  • राजीव गांधी किशोरी सशक्तिकरण योजना – SABLA केन्द्रीय प्रायोजित योजना है।
  • इसका क्रियान्वयन राज्य सरकारो/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासनों के माध्यम से किया जाएगा।
  • योजना के अंतर्गत पोषण प्रावधान के अलावा अन्य सभी निवेशों के लिए केंद्र सरकार ध्वारा शत-प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
  • पुरुष पोषण हेतु भारत सरकार वित्तीय मानकों अथवा वास्तविक व्यय, जो भी कम हो, उसका 50% वहन करेगी।
  • महिला एवं बाल विकास मंत्रालय केन्द्रीय स्तर पर योजना पर योजना के बजट नियंत्रण तथा प्रशासन के लिए उत्तरदायी होगा।
  • राज्य स्तर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव/ICDS देख रहे समाज कल्याण विभाग के सचिव इस योजना के समग्र निर्देशन तथा क्रियान्वयन हेतु उत्तरदायी होंगे।
  • राज्य स्तर पर ICDS प्रभारी निर्देशक और अन्य अधिकारी SABLA योजना का कार्यान्वयन भी करेंगे।
  • इस योजना का क्रियान्वयन आंगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से किया जाएगा, जो सेवा प्रदायगी के केंद्र बिन्दु होंगे।
  • इसके क्रियान्वयन हेतु ICDS अवसंरचना को उपयोग में लाया जाएगा।
  • जहां कहीं आंगनवाड़ी केन्द्रों में अवसंरचना और सुविधायों की कमी हो, वहा स्कूल/पंचायत/समुदाय के भवनो में इस प्रयोजनार्थ निर्धारित स्थान जैसी वैकल्पित व्यवस्था का उपयोग करके यह योजना चलाई जाएगी।
  • आगनवादी कार्यकर्ता अपने केंद्र के क्षेत्र में सभी किशोरियों का सर्वेक्षण एवं पंजीकरण करेगी तथा आंगनवाड़ी केंद्र में आने की सलाह देगी।
  • पर्यवेक्षक (Supervisor) के साथ बाल विकास परियोजना अधिकारी अपनी ICDS परियोजना क्षेत्र स्तर पर जिले में क्षेत्रीय स्तर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी योजना के क्रियान्वयन हेतु उत्तरदायी होंगे।

पढ़े राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम  के बारे मे

SABLA Scheme Mission

इस योजना के तहत सरकार ध्वारा किशोरियों के लिए निम्नलिखित कार्य किए जायेंगे।

1) पोषण
2) आयरन एवं फोलिक एसिड प्रतिपूरक
3) स्वास्थ्य जांच तथा रेफरल सेवाएं
4) पोषण और स्वास्थ्य शिक्षा
5) परिवार कल्याण, किशोरी प्रजनन एवं यौन स्वास्थय, बाल देखरेख पद्धतियाँ एवं गृह प्रबंधन पर परामर्श/मार्गदर्शन।
6) जीवन कौशल शिक्षा तथा सार्वजनिक सेवाओं तक पहुँच।
7) व्यावसायिक प्रशिक्षण  16 वर्ष एवं इससे अधिक आयु की लड़कियों के लिए राष्ट्रीय कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत।

⇓ कार्यो की विस्तारपूर्वक जानकारी 

 पोषण

sabla scheme 2018-2019

  • प्रत्येक किशोरी को वर्ष में 300 दिन कम से कम 600 उष (Calories) एवं 18-20 ग्राम प्रोटीन एवं सूक्ष्म पोषक तत्व प्रति दिन दिये जाएंगे।
  • आंगनवाड़ी केंद्र मे आ रही पढ़ाई छोड़ चुकी किशोरियों (11-14 वर्ष) तथा सभी लड़कियों (15-18 वर्ष) को घर ले जाने वाले राशन के रूप में पूरक पोषाहार प्रदान किया जाएगा।
  • गर्भवती महिलओं एवं शिशुओं को अपना दूध पिलाने वाली माताओं को दिया जा रहा घर ले जाने वाला राशन किशोरियों को भी प्रदान किया जाएगा क्यूंकी इन दोनों के लिए वित्तीय और उष (Calories) संबंधी मानक एक समान हैं।

 आयरन एवं फोलिक एसिड प्रतिपूरक

sabla scheme 2018-2019

  • राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत स्कूल जा रहे बच्चों (6-10 वर्ष) एवं किशोरों (11-18 वर्ष) को राष्ट्रीय पोषण रक्ताल्पता नियंत्रण कार्यक्रम में शामिल किया गया है
  • राज्य पर्यवेक्षित (Supervised) साप्ताहिक उपयोग के माध्यम से प्रत्येक लाभार्थी को आयरन एवं फॉलिक एसिड की गोलियों की खुराक प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ध्वारा क्रियान्वित किए जा रहें, कार्यक्रम का संकेन्द्रण स्थापित करेंगे।

 स्वास्थ्य जांच तथा रेफरल सेवाएं

sabla scheme 2018-2019

  • सभी किशोरियों की 3 माह में कम से कम 1 बार विशिष्ट दिवस पर जिसे “किशोरी दिवस” कहा जाएगा, सामान्य स्वास्थ्य जांच की जाएगी।
  • चिकित्सा अधिकारी/ANM उन लड़कियों को जिन्हें कृमि निवारण गोलियों की आवशयकता है, उन्हे गोलियां प्रदान करेंगे। (राज्य विशिष्ट दिशानिर्देशों के अनुसार)
  • इस दिन किशोरियों की लंबाई एवं वजन का माप किया जाएगा।
  • प्रत्येक बालिका हेतु किशोरी कार्ड तैयार किया जाएगा तथा प्रमुख मानकों को चिन्हित कर रखा जाएगा

 पोषण और स्वास्थ्य शिक्षा

sabla scheme 2018-2019

  • पोषण और स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दों पर सही जानकारी से बालिकाओं का स्वास्थ्य स्तर बेहतर होगा, जिससे पारिवारिक स्वास्थ्य में व्यापक सुधार होगा तथा कुपोषण के पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलने वाले कुचक्र को तोड़ने में सहायता भी मिलेगी।
  • सभी किशोरियों को पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा आंगनवाड़ी केंद्र में ICDS एवं स्वास्थ्य कर्मियों तथा संसाधन व्यक्तियों गैर-सरकारी संगठनों / सामुदायिक संगठनों के क्षेत्र प्रशिक्षुओं ध्वारा संयुक्त रूप से दी जाएगी।
  • इसमें स्वास्थ्य की पारंपरिक पद्धतियों को बढ़ावा भी मिलेगा एवं अहितकारी मिथकों का दमन, अच्छी तरह से खाना पकाना एवं खाने की अच्छी आदतें, सुरक्षित पेयजल का उपयोग एवं स्वच्छता, व्यक्तिगत सफाई एवं मासिक धर्म के दौरान देखरेख शामिल है।
  • किशोरियों को संतुलित आहार एवं अनुशंसित आहार, सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से होने वाली बीमारियाँ एवं उनके निवारण, स्थानीय रूप से उपलब्ध पोषक आहारों का अभिनिर्धारण, गर्भावस्था के दौरान पोषण एवं शिशुओं के लिए पोषण की जानकारी दी जाएगी।
  • इसमें सामान्य बीमारियों, व्यतिगत सफाई, व्यायाम/योग तथा समग्र स्वास्थ्य पद्धतियों के बारे में जानकारी भी शामिल है।
  • पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करने के लिए गैर-सरकारी संगठनों / सामुदायिक संगठनों की पहचान की जाएगी।

परिवार कल्याण, किशोरी प्रजनन एवं यौन स्वास्थय, बाल देखरेख पद्धतियाँ एवं गृह प्रबंधन पर परामर्श / मार्गदर्शन।

  • आगनवाड़ी कार्यकर्ता, ASHA, ANM एवं पर्यवेक्षक (Supervisor) की सहायता से गैर-सरकारी संगठनों / समुदाय आधारित संगठनों के जानकार व्यक्ति यह मार्गदर्शन आगनवाड़ी केन्द्रों में प्रदान करेंगे।
  • पर्यवेक्षक (Supervisor) स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, कानूनी अधिकारों, गृह प्रबन्धन तथा बाल देखरेख पद्धतियों के क्षेत्र में मौजूदा सुविधाओं के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए उत्तरदायी होगी।
  • प्रजनन चक्र, HIV/एड्स, गर्भ-निरोध, मासिक धर्म के दौरान सफाई, सही समय पर विवाह एवं गर्भ धारण, बाल देखरेख एवं बाल आहार पद्धतियाँ, 6 माह से कम आयु के बच्चे को केवल स्तनपान आदि के संबंध में 11-15 वर्ष एवं 15- 18 वर्ष दोनों आयु वर्गों की किशोरियों को आयु के अनुकूल उपयुक्त जानकारी भी दी जाएगी।

 जीवन कौशल शिक्षा तथा सार्वजनिक सेवाओं तक पहुँच।

sabla scheme 2018-2019

  • किशोरिया ऐसा दृष्टिकोण एवं कौशल विकसित करेंगी, जो उनमें स्वास्थ्य एवं सकारात्मक व्यवहार के अंगीकरण को समर्थन एवं बढ़ावा देते हों।
  • इसका उद्धेश्य किशोरियों में अपने विकास की क्षमता पैदा करना है।
  • जीवन कौशलों के विकास हेतु प्रशिक्षण में शामिल किए गए प्रमुख विषयों में आत्म- विश्वास, आत्म-ज्ञान एवं आत्म-सम्मान, निर्णय-निर्माण की क्षमता, विवेचनात्म्क सोच, संचार कौशल, अधिकारों एवं पात्रता की जागरूकता, विपत्तियों तथा साथियों से प्रतिस्पर्धा के दबावों का सम्मान करने की क्षमता, कार्य साधक साक्षरता का विकास आदि शामिल किए जाएंगे।
  • आत्म-विश्वासी होने के महत्वपूर्ण घटकों में एक मौजूदा सार्वजनिक सेवाओं के बारे में जानकारी और उन तक पहुँचने की विधि से संबन्धित है।
  • पंचायती राज संस्थाओं के सदस्यों, गैर-सरकारी संगठनों / सामुदायिक संगठनों, पुलिस कर्मियों, बैंक / डाकघर के अधिकारियों, स्वास्थ्य कर्मियों आदि के सहयोग से जागरूकता परिचर्चाए व दौरों की व्यवस्था की जानी चाहिए।
  • औपचारिक स्कूलों में प्रवेश / पुनः प्रवेश तथा इस कार्य हेतु किशोरियों को प्ररित करने के लिए जानकारी / मार्गदर्शन भी प्राथमिक शिक्षा विभाग के सहयोग से दिया जाएगा।

 व्यावसायिक प्रशिक्षण

sabla scheme 2018-2019

  • व्यावसायिक प्रशिक्षण किसी भी व्यक्ति के सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान करता है।
  • 16 वर्ष से अधिक आयु की पढ़ाई छोड़ चुकी किशोरियों को 18 वर्ष की आयु के बाद स्व-रोजगार के प्रति अभिमुख करने के लिए उन्हें व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के राष्ट्रीय कौशल विकास कार्यक्रम के साथ संकेन्द्रण स्थापित किया जाएगा।
  • विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदाता राष्ट्रीय कौशल विकास कार्यक्रम के विभिन्न अनुखंड के अंतर्गत व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करते हैं।
  • राज्य सरकारें/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन स्थानीय व्यवसायो, रुचियों, रोजगार की संभावनाओं इत्यादि को ध्यान में रखते हुए उपलब्ध विकल्पों में से व्यवसायों का चुनाव कर सकते हैं।
  • राष्ट्रीय कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत किशोरियों को जिस शुल्क का भुगतान करना होता है, उस शुल्क के आंशिक भुगतान के लिए इन निधियों का उपयोग क्या जा सकता है।
  • इस प्रकार इस योजना का व्यावसायिक प्रशिक्षण घटक राष्ट्रीय कौशल विकास कार्यक्रम के मौजूदा अनुखंड के कार्यान्वयन में सहायता प्रदान करेगा।
  • समग्र रूप से उपयुक्त जीविका विकल्पों को हासिल करने के लिए ज्ञान प्राप्त एवं कौशल युक्त किशोरियों के लिए उचित वातावरण तैयार किया जाना चाहिए।

पढ़े राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (RKSK 2018) के बारे मे

Procedures for implementation Of SABLA (कार्यान्वयन के लिए प्रक्रियाएं)

किशोरी समूह

sabla scheme 2018-2019

  • आंगनवाड़ी केंद्र पर 15-25 किशोरियों का समूह बनाया जाएगा।
  • किशोरियों की संख्या 25 से अधिक होने के मामले में अतिरिक्त समूह बनाए जाएंगे।
  • किशोरी समूह का नेतृव्त तीन बालिकाएँ करेंगी, जिन्हें सखी और सहेलियाँ कहा जाएगा।
  • इन सखी और सहेलियों का चुनाव समूह में से ही किया जाएगा।
  • समूह की प्रमुख सखी होगी, जिसकी सहायता दो सहेलियाँ करेंगी।
  • अन्य किशोरियों हेतु आभिजात शिक्षक के रूप में कार्य करने के लिए अभिनिर्धारित बालिकाओं, सखी एवं सहेलियाँ को परियोजना/सैक्टर स्तर पर निर्धारित मापांक के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • सखी और सहेलियाँ 1 वर्ष तक समूह की सेवा करेंगी। (प्रत्येक सखी का क्रमवार 4 माह का कार्यकाल होगा)
  • किशोरियों आंगनवाड़ी केंद्र की दैनिक क्रियाओं जैसे कि स्कूल-पूर्व शिक्षा, विकास मानीटरन एवं पूरक पोषण कार्यक्रम में भागीदारी कर सकती है तथा आंगनवाड़ी कार्यक्रम की अन्य कार्यकलापों में सहायता कर सकती हैं।
  • वे घरों के दौरों के समय आंगनवाड़ी कार्यक्रम के साथ भी जाएंगी (एक बार में 2-3 बालिकाएँ), जो उनके भविष्य के लिए प्रशिक्षण का आधार बनेगा।

प्रशिक्षण किट

sabla scheme 2018-2019

  • रुचिकर एवं विचारों के आपसी आदान-प्रदान के माध्यम से स्वास्थ्य, पोषण, सामाजिक, कानूनी मुद्धों को समझाने के लिए किशोरियों की सहायता हेतु प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र पर एक प्रशिक्षण किट होगी।
  • किट में कई खेल एवं कार्यकलापों के लिए सामाग्री होगी, ताकि सीखने के समय बालिकायों को आनंद आए।
  • आभिजात शिक्षा प्रदान करने के लिए अभिनिर्धारित सखी एवं सहेलियों को किट का उपयोग करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

किशोरी दिवस

sabla scheme 2018-2019

  • 3 माह में 1 बार किसी विशेष दिन को किशोरी दिवस के रूप में मनाया जाएगा, और तब सभी किशोरियों की चिकित्सा अधिकारी/ANM ध्वारा सामान्य स्वास्थ्य जांच की जाएगी।
  • इस दिन चिकित्सा अधिकारी/ANM आयरन फॉलिक एसिड की गोलियां एवं कृमि निवारण गोलियां उन किशोरियों को देंगे, जिन्हें इनकी जरूरत है।
  • प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र को आयरन फॉलिक एसिड की गोलियों की आपूर्ति बाल विकास परियोजना अधिकारियों/पर्यवेक्षकों ध्वारा सुनिश्चित की जाएंगी।
  • इन गोलियों का उपयोग सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य कार्ड में आयरन फॉलिक एसिड की गोलियों के उपयोग से संबन्धित प्रविष्टियाँ की जाएंगी।
  • यदि आवश्यक हो तो ऐसे मामलों को विशेषज्ञों के पास भेजा जाएगा।
  • इस दिन किशोरियों की लंबाई एवं वजन का माप किया जाएगा
  • प्रत्येक किशोरी हेतु किशोरी कार्ड तैयार किए जाएंगे तथा ये कार्ड प्रमुख उपलब्धियों को चिन्हित कर रखें जाएंगे।
  • इस दिन विशेष कार्यकलापों/कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए।
  • इस दिन का उपयोग समुदाय / माता / पिता / भाई-बहनों आदि को सूचना, शिक्षा एवं संचार प्रदान करने के लिए किया जा सकता है ।

स्वास्थ्य कार्ड

sabla scheme 2018-2019

  • सभी किशोरियों के “किशोरी स्वास्थ्य कार्ड” आंगनवाड़ी केंद्र पर रखे जाएंगे।
  • इस कार्ड में लंबाई, वजन, बॉडी मास संसूचक, आयरन फॉलिक एसिड अनुपूरण, कृमि निवारण, रेफेरल सेवाओं एवं प्रतिरक्षण आदि का रेकॉर्ड रखा जाएगा।
  • यह कार्ड सखी (चयनित किशोरी) ध्वारा भरा जाएगा तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ध्वारा प्रतिहस्ताक्षरित किया जाएगा।
  • इस कार्ड में किशोरियों हेतु महत्वपूर्ण लक्ष्य भी दर्शाए जाएंगे तथा जब भी इन्हें प्राप्त कर लिया जाएगा, इन्हें चिन्हित किया जाएगा ।

कार्मिक

sabla scheme 2018-2019

  • जिला स्तर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी इस योजना के क्रियान्वयन के प्रभारी होंगे।
  • परियोजना स्तर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी योजना के क्रियान्वयन के प्रभारी होंगे।
  • ग्राम-स्तर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सुसाधक होगी तथा उसकी सहायता आंगनवाड़ी सहायिका, सखी-सहेली एवं भागीदारी गैर-सरकारी संगठन/समुदाय आधारित संगठन और स्वास्थ्य कार्यकर्ता करेंगे।
  • ICDS पर्यवेक्षक इस योजना के अंतर्गत कार्यकलापों के आयोजन हेतु नियमित रूप से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/आंगनवाड़ी सहायिका का मार्गदर्शन करेंगे।

गैर-सरकारी संगठनों/समुदाय आधारित संगठनों की भूमिका

sabla scheme 2018-2019

  • राज्य सरकारें/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन इस योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु पंचायती राज्य संस्थाओं, गैर-सरकारी संगठनो/समुदाय आधारित संगठनो/अन्य संस्थाओं को भागीदार बना सकते हैं।
  • पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा, जीवन कौशल शिक्षा, परिवार कल्याण, किशोरी प्रजनन एवं यौन स्वास्थ्य एवं बाल देखरेख और गृह प्रबंधन की पद्धतियों के विषय में मार्गदर्शन प्रदान करने, सखी/सहेली को प्रशिक्षण, प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए गैर-सरकारी संगठनो/समुदाय आधारित संगठनो तथा अन्य संस्थाओं को अभिनिर्धारित किया जाएगा।
  • इन संगठनो का चुनाव क्षेत्रीय स्तर पर ऐसे संगठनो की पहुँच और उपलब्धता के आधार पर परियोजना अधिकारियों के परामर्श से किया जाएगा।
  • स्वास्थ्य, युवा मामले, ग्रामीण विकास जैसे अन्य विभागों के ऐसे ही कार्यक्रमों के अंतर्गत पहले से कार्यरत गैर-सरकारी संगठनो और अन्य संगठनो का उपयोग राजीव गांधी किशोरी सशक्तिकरण योजना के लिए किया जा सकता है।

 

SABLA Scheme PDF

pdfइस योजना से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए यहा इसकी Hindi PDF File दी गई है।

पढ़ने के लिए यहा CLICK करे।

DOWNLOAD HERE

प्यारे पाठक आपको SABLA Scheme In Hindi लेख मे हमने इस योजना से जुड़ी जानकारी देने का प्रयत्न किया है। इस योजना का आशय देश की सभी किशोरीओ को स्वास्थ्य और जीवन संबंधी आवश्यक जानकारी प्रदान कर उन्हे जागृत करना है।

अगर आपको इस लेख के संबंधित कोई प्रश्न हो या इससे जुड़ी ओर जानकारी चाहिए तो आप हमे COMMENT के माध्यम से संपर्क कर सकते है। यदि आपको हमारा यह लेख अच्छा लगा हो तो आप इसे अपने मित्रो के साथ SHARE करे।

Pradhan Mantri Schemes

Pradhan Mantri Yojanas पढ़ने के लिए योजना के नाम पर Click करे

  1. सुकन्या समृद्धि योजना
  2. मातृ वंदना योजना
  3. अमृत योजना
  4. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ
  5. गोबर धन योजना
  6. मुद्रा लोन योजना
  7. राष्ट्रीय पोषण मिशन
  8. फसल बीमा योजना
  9. आयुष्मान भारत योजना
  10. अमृतम योजना
  11. उज्ज्वला योजना
  12. भाग्य लक्ष्मी योजना
  13. लाड़ली लक्ष्मी योजना
  14. सौर सुजला योजना
  15. प्रधानमंत्री युवा योजना
  16. ग्राम ज्योति योजना
  17. कौशल विकास योजना
  18. जन-धन योजना
  19. सांसद आदर्श ग्राम योजना
  20. खनिज क्षेत्र कल्याण योजना
  21. अटल पेंशन योजना
  22. जन औषधि योजना
  23. रोजगार प्रोत्साहन योजना
  24. जीवन ज्योति बीमा योजना
  25. आवास योजना
  26. कृषि सिंचाई योजना
  27. मेक इन इंडिया
  28. ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान
  29. सीखो ओर कमाओ योजना
  30. National Aapprenticeship Promotion Scheme
  31. स्टैंड अप इंडिया
  32. वय वंदना योजना
  33. स्वच्छ भारत अभियान
  34. स्कूल नर्सरी योजना
  35. स्मार्ट सिटि योजना
  36. पहल योजना
  37. पढ़ो परदेश योजना
  38. नई मंज़िल योजना
  39. वनबंधु कल्याण योजना
  40. सागरमाला योजना
  41. नमामि गंगे योजना
  42. गंगा ग्राम योजना
  43. Gold Monetisation Scheme in Hindi
  44. अंत्योदय अन्न योजना
  45. विद्यांजली योजना
  46. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम
  47. Right to Light Scheme हिन्दी मे
  48. प्रधानमंत्री ग्राम परिवहन योजना
  49. मनरेगा योजना (MGNREGA)
  50. राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान
  51. परिवार सहाय योजना (NFBS)
  52. सीमा दर्शन
  53. गरीब कल्याण योजना
  54. नई रोशनी योजना
  55. एक भारत श्रेष्ठ भारत
  56. राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (RMSA)
  57. परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY)
  58. ऊर्जा गंगा प्रोजेक्ट
  59. Zero Defect Zero Effect
  60. ICDS
  61. शादी शगुन योजना (Shadi Shagun Scheme)
  62. उड़ान योजना (UDAN)
  63. ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU GKY)
  64. विद्या लक्ष्मी योजना
  65. किसान विकास पत्र
  66. किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना (KVPY)
  67. उन्नत भारत अभियान (UBA)
  68. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका योजना (NRLM)
  69. विकल्प योजना (IRCTC)
  70. प्रवासी भारतीय बीमा योजना (PBBY 2018)
  71. किसान संपदा योजना (PMKSY 2018)
  72. राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (RKSK 2018)
  73. स्टार्ट अप इंडिया (Startup India)
  74. स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार (SVP 2018-2019)
  75. स्वच्छ सर्वेक्षण 2018-2019

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *